कबीरधाम/ धनंजय चेतन साहू/ ब्यूरो चीफ/
छत्तीसगढ़ी भाषा प्रेमियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुहार लगाते हुए मांग की है कि विदेश यात्रा से लौटते ही छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग में अध्यक्ष की नियुक्ति की जाए। भाषा प्रेमियों का कहना है कि भाजपा सरकार के बचे तीन साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।गौरतलब है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने पूरे पांच साल के कार्यकाल में आयोग में अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया। इससे भाषा आंदोलन और छत्तीसगढ़ी को लेकर हो रही पहल ठंडे बस्ते में चली गई। अब लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं भाजपा सरकार भी रमन सिंह सरकार की तरह उपेक्षा की राह पर न चल पड़े।भाषा प्रेमियों का मानना है कि इस बार नियुक्ति में नयापन दिखना चाहिए। जैसे मंत्री मंडल में युवा और नए चेहरों को जगह मिली, वैसे ही राजभाषा आयोग में भी युवा चेहरों को खासकर पत्रकार जगत से आगे लाया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ी भाषा की लड़ाई को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सके।लोगों का कहना है कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पहचान से जुड़ा यह संवेदनशील विषय है। यदि भाजपा सरकार ने आयोग को सक्रिय करते हुए सशक्त नेतृत्व दिया तो न केवल छत्तीसगढ़ी को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलेगा बल्कि आने वाले चुनाव में भी इसका सकारात्मक राजनीतिक संदेश जाएगा।भाषा प्रेमियों का साफ कहना है – “अब और इंतजार नहीं, मुख्यमंत्री तुरंत पहल करें, तभी छत्तीसगढ़ी असली मया पा सकिही।”