तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के अध्यक्ष पद की दौड़ अब लगभग पूरी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक बिलासपुर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित का अध्यक्ष पूर्व विधायक रजनीश सिंह को बनाया जाएगा, जबकि रायपुर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित की कमान गौरीशंकर श्रीवास को सौंपी जाएगी। आधिकारिक आदेश नवरात्रि पर्व पर जारी होने की संभावना है।इन पदों के लिए लंबे समय से दर्जनों नेताओं की दावेदारी रही। कई प्रभावशाली नेता और उनके समर्थक लगातार संपर्क और लॉबिंग में जुटे थे। कार्यकर्ताओं के बीच भी यह चर्चा गर्म थी कि इस बार युवा चेहरों को मौका मिल सकता है, मगर अंततः सत्ता और संगठन ने अनुभव व राजनीतिक संतुलन को प्राथमिकता दी।हालाँकि, इन नियुक्तियों को लेकर असंतोष की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है। जिन नेताओं ने महीनों मेहनत कर अपनी दावेदारी मजबूत की थी, वे अब किनारे कर दिए गए। खासकर युवा और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका न मिलने से संगठन के भीतर निराशा देखी जा रही है। कई का मानना है कि उम्रदराज और पारंपरिक नेताओं पर भरोसा करके पार्टी आने वाले चुनावों में युवाओं की ऊर्जा से वंचित हो सकती है।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन नियुक्तियों से पार्टी ने एक तरफ़ जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश की है, तो दूसरी ओर सहकारी बैंकों को अपने भरोसेमंद नेताओं के हाथों सौंपकर आगामी पंचायत–निकाय चुनावों में संगठनात्मक मज़बूती का संदेश दिया है।अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि नए अध्यक्ष पदभार ग्रहण करने के बाद किस तरह की कार्ययोजना पेश करेंगे और संगठन के भीतर असंतोष को कैसे संतुलित करेंगे।