रामनारायण यादव/ ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तर पर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का स्थानांतरण आदेश जारी किया है, लेकिन इस आदेश ने प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आदेश में सबसे चौंकाने वाला मामला नायब तहसीलदार दंपत्ति नेहा कौशिक और विभोर यादव का है।विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सकरी की नायब तहसीलदार नेहा कौशिक को बिल्हा भेजा गया है, जबकि उनके पति विभोर यादव, जो बिलासपुर में नायब तहसीलदार थे, को सकरी भेज दिया गया है। अब लोग कह रहे हैं कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि “प्रशासनिक …पैकेज” है।बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और पूर्व विधायक सियाराम कौशिक से नजदीकी रिश्तेदारी को देखते हुए यह अंदेशा जताया जा रहा है कि राजनीतिक दबाव में यह तबादला हुआ है। सवाल उठ रहा है कि क्या जिले में योग्यता और प्रशासनिक आवश्यकता से बढ़कर “रिश्तेदारी और खुशामद” का सिक्का चल रहा है?जनता चटखारे लेकर कह रही है कि “कलेक्टर साहब! प्रेमचंद की कहानियों में तो ‘गोदान’ मशहूर था, पर प्रशासन में तो अब ‘पति-पत्नी ट्रांसफर पैकेज’ ही सबसे लोकप्रिय हो गया है’…!!


