रामनारायण यादव/ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/
न्यायधानी का जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, जिसे स्थापना काल से ही पिछड़ा वर्ग का बैंक कहा जाता है, आज “ब्राह्मण बैंक” के नाम से चर्चाओं में है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस बैंक के प्रमुख पदों पर लंबे समय से ब्राह्मण समाज का कब्ज़ा रहा है। मुख्य पर्यवेक्षक की गद्दी भी ब्राह्मणों को सौंपी गई है। हाल ही में मुख्य पर्यवेक्षक शांशक शेखर दुबे के रिटायर होते ही तत्काल रेशम लाल तिवारी को मुख्य पर्यवेक्षक बना दिया गया। वहीं बैंक में लगभग सभी प्रमुख पदों पर ब्राह्मण समाज के लोग काबिज हैं। जिसमें स्थापना प्रमुख – प्रकाश शर्मा, सहायक लेखापाल – योगेश पांडे, पीएफ फंड प्रभारी – प्रतीक शर्मा, वित्त अधीक्षक – के.के. शर्मा,ज्ञसीईओ – प्रभात मिश्रा,शाखा प्रबंधक (भूतल) – अभिषेक शर्मा, नोडल अधिकारी – आशीष दुबे,नोडल अधिकारी (सक्ती) – अश्वनी पांडे सहित अन्य वरिष्ठ एवं मलाईदार पदों पर ब्राह्मण लोग ही पदस्थ हैं। वही बिलासपुर संभाग के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की शह पर यह बैंक पिछड़ा वर्ग का होने के बावजूद “ब्राह्मण बैंक” के रूप में जाना जाने लगा है। विभागीय सूत्रों बताते हैं कि इन्हीं के संरक्षण में धान खरीदी केंद्रों में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की परतें भी सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, बड़े पैमाने पर धांधली कर किसान हितों से खिलवाड़ किया जा रहा है।


