विकास नंद/सर्वव्यापी/
राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेलीबाड़ी धमतरी से वर्चुअल रूप से जुड़कर 17 जिलों के 51 महतारी सदनों को मातृशक्ति को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने, आपसी समरसता स्थापित करने और सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महतारी सदन का निर्माण किया गया है।महासमुंद जिले के ग्राम खट्टी में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और फीता काटकर महतारी सदन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने सदन का अवलोकन भी किया।कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक सम्पत अग्रवाल, राज्य बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, स्काउट एवं गाइड जिलाध्यक्ष येतराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, जनपद पंचायत महासमुंद अध्यक्ष दिशा दीवान, उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पवन पटेल सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।प्रभारी मंत्री बघेल ने कहा कि महतारी सदन आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को काम करने, सामूहिक निर्णय लेने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है। विधायक सिन्हा ने कहा कि यह भवन महिलाओं की उन्नति और ग्राम पंचायतों की प्रगति का केन्द्र बनेगा। वहीं विधायक अग्रवाल ने इसे महिलाओं के सम्मान और प्रगति के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि महासमुंद जिले में दूसरे चरण में कुल 17 महतारी सदन बनाए जाएंगे। प्रत्येक सदन की लागत 24 लाख 70 हजार रुपए है। पहले चरण में 8 और दूसरे चरण में 9 महतारी सदन का निर्माण होगा। कार्यक्रम में लखपति दीदियों को चेक वितरित किए गए और पंचायतों में क्यूआर कोड जारी किए गए।प्रत्येक महतारी सदन लगभग 2500 वर्गफुट में निर्मित होगा, जिसमें हॉल, कमरा, किचन, स्टोर रूम, दुकान, बरामदा, सामुदायिक शौचालय और ट्यूबवेल की सुविधा होगी। यहाँ महिलाओं को उत्पाद निर्माण, विक्रय, हस्तशिल्प, लोक कला और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। ये सदन सामुदायिक बैठकों और महिला सक्रियता को बढ़ावा देने का केन्द्र भी बनेंगे।—क्या आप चाहेंगे कि मैं इस समाचार को संक्षिप्त अखबार शैली (250-300 शब्दों में) भी तैयार कर दूँ ताकि प्रकाशन के लिए उपयोगी हो सके?


