बाढ़ आपदा से निपटने हेतु आछोल-समोदा तट पर मॉक ड्रिल...महानदी किनारे आपदा प्रबंधन का सजीव प्रदर्शन, आम नागरिकों को भी दी गई जीवन रक्षक जानकारी। - Sarvavyapi बाढ़ आपदा से निपटने हेतु आछोल-समोदा तट पर मॉक ड्रिल...महानदी किनारे आपदा प्रबंधन का सजीव प्रदर्शन, आम नागरिकों को भी दी गई जीवन रक्षक जानकारी। - Sarvavyapi

बाढ़ आपदा से निपटने हेतु आछोल-समोदा तट पर मॉक ड्रिल…महानदी किनारे आपदा प्रबंधन का सजीव प्रदर्शन, आम नागरिकों को भी दी गई जीवन रक्षक जानकारी।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

महानदी तटस्थ ग्राम आछोल-समोदा में आज सुबह 10 बजे राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल एवं नगर सेना की संयुक्त टीम द्वारा बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की वैज्ञानिक तैयारी को परखना और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।ड्रिल के द्वितीय चरण में जिला अस्पताल में राहत शिविर बनाया गया, जहां आपातकालीन मेडिकल सेवा का प्रदर्शन किया गया। यहां तत्काल उपचार और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान कमिश्नर महादेव कांवरे एवं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राहत कैंप और मेडिकल सुविधाओं का जायजा लिया। जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार भी उपस्थित रहे।आछोल में आयोजित मॉक ड्रिल कमांडेंट मनीषा ठाकुर रावटे के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एएसपी प्रतिभा पांडेय, एसडीएम हरिशंकर पैकरा सहित स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, खाद्य, समाज कल्याण, विद्युत, आरटीओ और ग्रामीण विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।वैज्ञानिक प्रदर्शन के तहत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के दल ने नाव, मोटरबोट एवं रस्सी की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीकें दिखाई। तेज धारा में फंसे व्यक्तियों को रेस्क्यू जैकेट, ट्यूब एवं रस्सी की सहायता से बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार व एम्बुलेंस से घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाने की प्रक्रिया समझाई।पशुधन की सुरक्षा हेतु पशुपालन विभाग ने मवेशियों को ऊँचे सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जानकारी दी। विद्युत विभाग ने आपदा की स्थिति में बिजली बंद करने की आवश्यकता बताई, वहीं पीएचई विभाग ने स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पर बल दिया।आम नागरिकों को बाढ़ से बचाव के सामान्य तरीके एवं व्यवहारिक सुझाव दिए गए, जैसे बाढ़ आने पर ऊँचे स्थान पर पहुँचना, भीड़ से बचना, बिजली के खंभों व तारों से दूर रहना, पानी को उबालकर पीना तथा बच्चों-बुजुर्गों को प्राथमिकता से सुरक्षित करना।इस मॉक ड्रिल ने न केवल प्रशासनिक अमले को आपदा से निपटने की तत्परता का अनुभव कराया, बल्कि आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ाई।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास समय-समय पर आयोजित कर लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके।


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