विकास नंद/ सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे।मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करते हुए सभी को बेहतर समाज निर्माण में योगदान देना चाहिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शासन का कार्य जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों पर रहती है।छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम दौर में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा।
इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद राज्य और तेजी से विकसित होगा तथा प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है तथा ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है।
नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और अब तक राज्य को साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं और अधिकारियों की छोटी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए प्रयासरत है तथा प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।


